इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य अड्डे को निशाना बनाए जाने के बाद ब्रिटेन ने सुरक्षा कड़े कदम उठाए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि क्षेत्र में युद्धपोत और काउंटर-ड्रोन क्षमता वाले हेलीकॉप्टर तैनात किए जा रहे हैं।
हमला दक्षिणी साइप्रस स्थित RAF Akrotiri पर हुआ, जो मध्य पूर्व में ब्रिटेन की प्रमुख सैन्य उपस्थिति का केंद्र है। रविवार देर रात एक ड्रोन अड्डे के रनवे पर गिरा, जिससे कुछ नुकसान हुआ। साइप्रस अधिकारियों के मुताबिक, दो अन्य ड्रोन को समय रहते रोक लिया गया।
ब्रिटिश और साइप्रस सरकार के अनुसार, यह ड्रोन ईरान समर्थित लेबनानी समूह हिजबुल्लाह की ओर से दागा गया था।
हमले के बाद ब्रिटेन ने क्षेत्र में HMS Dragon को तैनात करने का फैसला किया है। यह टाइप-45 एयर डिफेंस डिस्ट्रॉयर ‘सी वाइपर’ मिसाइल सिस्टम से लैस है और एक साथ कई मिसाइलों को ट्रैक और गाइड करने में सक्षम है।
इसके अलावा दो वाइल्डकैट हेलीकॉप्टर भी भेजे जा रहे हैं, जो मार्टलेट मिसाइलों से लैस हैं और विशेष रूप से ड्रोन रोधी अभियानों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से फोन पर बातचीत कर तैनाती की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यूनाइटेड किंगडम साइप्रस और वहां तैनात अपने सैन्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह कदम पूरी तरह रक्षात्मक है।
स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन सीधे युद्ध में शामिल नहीं है, बल्कि अपने अड्डे और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। अड्डे पर मौजूद परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है और अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ग्रीस, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश भी साइप्रस की सुरक्षा के लिए अपने संसाधन भेज रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय संघर्ष के और विस्तार का संकेत हो सकता है।
