तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने राज्य के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से मुलाकात की। यह बैठक मुख्यमंत्री के आवास पर करीब एक घंटे तक चली, जिसमें सीट शेयरिंग के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
हालांकि बैठक के बाद पी चिदंबरम ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की, लेकिन सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और डीएमके के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अहम बातचीत हुई है।
अब तक तमिलनाडु में कांग्रेस की ओर से सीट शेयरिंग पर बातचीत की जिम्मेदारी AICC इंचार्ज गिरीश चोडांकर संभाल रहे थे। सूत्रों का कहना है कि उनके बातचीत के तरीके को लेकर डीएमके नेतृत्व ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने रणनीति में बदलाव करते हुए वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को सीधे बातचीत के लिए आगे किया।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पहले 41 सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन अब उसने अपनी मांग घटाकर 36 सीटें कर दी है। दूसरी ओर, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछली बार दी गई 25 सीटों से एक भी सीट ज्यादा देना संभव नहीं है।
हालांकि, डीएमके की ओर से यह संकेत जरूर दिया गया है कि यदि कांग्रेस चाहे तो एक अतिरिक्त राज्यसभा सीट पर विचार किया जा सकता है।
चिदंबरम और स्टालिन की बैठक के बाद सूत्रों के हवाले से खबर है कि डीएमके ने कांग्रेस को 29 विधानसभा सीटों और 2 राज्यसभा सीटों का अंतिम प्रस्ताव दिया है। अब इस प्रस्ताव पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले डीएमके ने साफ शब्दों में कहा था कि यदि कांग्रेस 25 सीटों के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं है, तो वह गठबंधन से बाहर जाने के लिए स्वतंत्र है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह सीट शेयरिंग समझौता आगामी चुनावी समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर कांग्रेस के अंतिम फैसले पर टिकी है।
