देहरादून: उत्तराखंड में चुनावी साल के मद्देनज़र Pushkar Singh Dhami सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साधने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विभिन्न बोर्ड, परिषदों और समितियों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए “दायित्वों की पोटली” खोल दी है।
कैबिनेट विस्तार के बाद लिए गए इस फैसले के तहत सरकार ने 14 पार्टी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग संस्थाओं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश Shailesh Bagoli (गृह एवं गोपन सचिव) की ओर से जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार:
- देहरादून के कुलदीप सुटोला – राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष
- नैनीताल के ध्रुव रौतेला – मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष
- चंपावत की हरिप्रिया जोशी – राज्य महिला आयोग में सदस्य
- टिहरी के विनोद सुयाल – राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद
- चंपावत के मुकेश महराना – चाय विकास सलाहकार परिषद
- देहरादून की चारु कोठारी – राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद
- चमोली के प्रेम सिंह राणा – जनजाति आयोग
- टिहरी के खेम सिंह चौहान – ओबीसी कल्याण परिषद
- टिहरी की सोना सजवाण – जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
- अल्मोड़ा के गोविंद पिलखवात – हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद
- देहरादून के बलजीत सोनी – अल्पसंख्यक आयोग
- काशीपुर की सीमा चौहान – मत्स्य विकास प्राधिकरण (उपाध्यक्ष)
- वरिष्ठ नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी अहम दायित्व दिए गए हैं
सरकार का यह कदम कई मायनों में अहम माना जा रहा है:
चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी कम करना
संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करना
टिकट वितरण से पहले असंतोष को नियंत्रित करना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला साफ तौर पर चुनावी रणनीति का हिस्सा है। इससे कार्यकर्ताओं को संगठन में सक्रिय बनाए रखने और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
👉 कुल मिलाकर, चुनाव से पहले यह कदम सत्ता और संगठन के बीच संतुलन साधने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
