उत्तराखंड। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि टिहरी झील जल क्रीड़ाओं के माध्यम से देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सेना और पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऋषिकेश में करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाईपास मार्ग का कार्य वर्ष 2029 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाईपास के अभाव में ऋषिकेश में जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे आम जनता के साथ-साथ सेना के जवानों को भी परेशानी होती है। बाईपास बनने से यातायात का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम होगा।
टिहरी बांध की झील स्थित कोटी कॉलोनी में आयोजित 25वीं अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से सीमांत क्षेत्रों के अधिकांश गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं और बॉर्डर सड़कों को और बेहतर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है। साथ ही कैनोइंग, कयाकिंग और रोइंग जैसे खेल आपदा प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
इस अवसर पर मनु महाराज ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 13 राज्यों की 19 टीमों के 435 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कुल 52 प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें कैनोइंग, कयाकिंग और रोइंग शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी के जवानों ने पांडव नृत्य और भांगड़ा जैसे लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी, वहीं मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया।
इस मौके पर उत्तराखंड खेल विकास बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप बुटोला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
