पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। शपथ ग्रहण समारोह पटना स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने बेली रोड स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह लोकभवन पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।
समारोह के दौरान सम्राट चौधरी सफेद कुर्ता-पायजामा, नीली बंडी और केसरिया गमछे में नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से हुई, जिसमें एनडीए के सभी विधायक और एमएलसी मौजूद रहे। इस मौके पर कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा भी उपस्थित रहे, जो हाल ही में राज्यसभा चुनाव में अनुपस्थित रहे थे।
सम्राट चौधरी के परिवार के सदस्य, जिनमें उनके पिता शकुनी चौधरी भी शामिल हैं, इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सम्राट चौधरी ने 2025 में मुंगेर के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की थी। इसके बाद उन्हें बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।
मुख्यमंत्री पद को लेकर पहले ही संकेत मिल चुके थे, जब नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान उनके नेतृत्व की ओर इशारा किया था।
जब यह तय हो गया कि बिहार में मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जाएगा, तो पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा। बीजेपी विधानमंडल दल की बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई।
इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार ने उन्हें नेता घोषित कर मुख्यमंत्री पद के लिए औपचारिक मुहर लगा दी।
इस घटनाक्रम के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है।
