नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक अहम मोड़ पर केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने की घोषणा कर दी है। Arjun Ram Meghwal द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के बीच लोकसभा में आज तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर मतदान होना है, जिनमें महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
गुरुवार देर रात तक चली बहस के बीच सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को 16 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू करने का फैसला किया। इस संबंध में केंद्रीय विधि मंत्रालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर गुरुवार को सुबह से चर्चा शुरू हुई, जो रात करीब 1:20 बजे तक चली। इस दौरान कई सांसदों ने अपने विचार रखे। आज भी इस मुद्दे पर दिनभर चर्चा जारी रहेगी और शाम करीब 4 बजे मतदान प्रस्तावित है।
लोकसभा में जिन प्रमुख विधेयकों पर विचार और मतदान होना है, वे हैं:
संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026
परिसीमन विधेयक, 2026
महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन प्रस्ताव
क्या है महिला आरक्षण कानून
महिला आरक्षण कानून, जिसे संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत पारित किया गया था, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने का प्रावधान करता है।
हालांकि, इस कानून के लागू होने को लेकर अभी भी कुछ व्यावहारिक पहलू जुड़े हुए हैं। कानून के अनुसार, इसका प्रभावी क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव है, जो अनुमानतः 2027 के बाद और 2034 से पहले लागू हो सकता है।
सरकार द्वारा अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जब संसद में इस पर संशोधन और कार्यान्वयन की समयसीमा को लेकर चर्चा जारी है, तब इसे अभी लागू करने का निर्णय क्यों लिया गया।
अब सभी की निगाहें लोकसभा में होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जो न केवल इस कानून की दिशा तय करेगा बल्कि देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी नई दिशा दे सकता है।
